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कैश बुक › हेल्प › इस्तेमाल का तरीका

अपनी कैश बुक कैसे रखें

कैश बुक चलते बैलेंस के साथ आया-गया कैश दिखाती है; बैंक बुक बैंक और UPI के लिए यही करती है। ज़्यादातर एंट्री आपके बिल, रसीदों और खर्चों से अपने-आप आती हैं।

स्टेप बाय स्टेप

  1. अपना बिज़नेस एक बार जोड़ें। मेरा डेटा में, ताकि बुक्स आपकी डिटेल के साथ छपें।
  2. अपना ओपनिंग कैश डालें। कैश और बैंक बुक में शुरू की तारीख पर हाथ में कैश दबाएँ, गिना हुआ कैश और तारीख लिखें। बैंक बुक टैब पर यही बटन बैंक बैलेंस सेट करता है।
  3. पैसा आते-जाते ही लिखें। पैसा मिला, पैसा दिया, खर्चा। कहीं भी सेव की गई कैश बिक्री, रसीदें, वाउचर और खर्चे अपने-आप आ जाते हैं।
  4. बैंक ले गए कैश को लिखें। कैश और बैंक में लेन-देन: न आमदनी न खर्चा।
  5. बुक्स पढ़ें। कैश बुक, बैंक बुक, डे बुक; ऊपर तारीखें चुनें।
  6. प्रिंट या शेयर करें। प्रिंट, PDF, या Excel के लिए CSV।

उदाहरण से समझें

1 नवंबर को ओपनिंग कैश ₹5,000। कैश बिक्री ₹12,400, किराया दिया ₹8,000, चाय ₹300, बैंक में जमा ₹6,000। क्लोज़िंग कैश ₹3,100। गल्ला गिनें: अगर ₹3,000 हैं, तो ₹100 कम है; वह एंट्री ढूँढें।

आम गलतियाँ और उन्हें कैसे ठीक करें

अभी इस्तेमाल करें: यह फ़्री है और लॉगिन की ज़रूरत नहीं।कैश बुक खोलें

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