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दिन बंद कइल: कैश आ बैंक खातिर दस मिनट के तरीका
कैश के जादे गलती ओही दिन ठीक कइल आसान बा आ महीना भर बाद लगभग नामुमकिन। हर साँझ दस मिनट, कैश बुक खोल के, गल्ला, बुक आ बैंक के संगे राखेला।
कदम 1: कैश गिनीं
नोट आ सिक्का किसिम के हिसाब से गिनीं (₹500, ₹200, ₹100, ₹50, खुदरा) आ टोटल लिखीं। गिनती के पर्ची दिन के कागज के संगे राखीं।
कदम 2: कैश बुक से मिलाईं
आज खातिर कैश आ बैंक बुक › कैश बुक खोलीं। आखिरी बैलेंस रउआ गिनल कैश के बराबर होखे के चाहीं।
- कैश बुक से कम बा: कवनो पेमेंट खोजीं जवन कइनी बाकिर लिखनी ना (डिलीवरी, छोट खरीद, स्टाफ के एडवांस)।
- कैश बुक से जादे बा: कवनो बिक्री भा रसीद खोजीं जवन दर्ज ना भइल, अक्सर बिना कैश मेमो के कैश बिक्री।
- ना मिले त फरक ओही दिन लिख लीं; अगिला दिन के आँकड़ा बदल के एकरा के मत छिपाईं।
कदम 3: खुदरा राखीं, बाकी जमा करीं
काल्ह के खुदरा खातिर तय रकम राखीं, जइसे ₹3,000। ओकरा से ऊपर के कैश बैंक में जमा करीं आ कैश आ बैंक में लेन-देन › कैश बैंक में जमा लिखीं। दोकान में कम कैश जादे सुरक्षित बा, आ जमा बैंक बुक में असली पइसा के रूप में देखाला।
कदम 4: बैंक बुक जाँचीं
आपन बैंक भा UPI ऐप में आज के UPI आ कार्ड पेमेंट देखीं आ पक्का करीं कि हर एक सही ग्राहक के संगे बुक में बा। आज क्लियर भइल चेक चेक रजिस्टर में मार्क करीं ताकि ऊ बैंक बुक में आ जाव। महीना में एक बेर पूरा बैंक बुक बैंक स्टेटमेंट से मिलाईं (bank-reco.niveshsahayak.in स्टेटमेंट पढ़ के मिलान करेला)।
एक साँझ के उदाहरण
कैश बुक ₹12,640 देखावता। गल्ला में ₹12,290 बा, मतलब ₹350 कम। मालिक के याद आवेला कि चाय-नाश्ता के ₹350 दिहले रहलन आ ऊ एकरा के खरचा लिखेलन; अब बुक ₹12,290 देखावता। ₹3,000 खुदरा राख के ₹9,290 अगिला सबेरे बैंक ले जाइल जाला आ कैश जमा लिखाला।
छोट कैश, पेटी कैश
अगर स्टाफ दिन भर छोट रकम खरचा करेला, त ओह लोग के तय रकम दीं आ पेटी कैश बुक राखीं (petty-cash.niveshsahayak.in)। एकरा के मेन कैश से एक एंट्री में भरीं, ताकि मेन कैश बुक छोट आ साफ रहे।